मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी, कत्ल और हैवानियत का घिनौना मामला आया सामने
मुजफ्फरनगर/खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : यूपी के जनपद मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव से बंधुआ मजदूरी, कत्ल और हैवानियत का घिनौना मामला सामने आया हैं, एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में काम कराने के लिए 13 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था. पुलिस ने हाल ही में इन मजदूरों को छुड़ाया है. जिसमें हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन मजदूरों से 24 घंटे काम कराया जाता था और उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था. इतना ही नहीं मजदूरों को 24 घंटे में एक बार खाने के लिए नमक रोटी दी जाती थी. एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस पूरे मामले का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा करते हुए इसे "हैवानियत का नंगा नाच" करार दिया है। इस बड़ी कामयाबी पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
यूपी पुलिस और मुजफ्फरनगर जनपद में लेबर विभाग की प्रशासनिक टीम ने मिलकर दोना-पत्तल बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा था. यहां से से टीम ने 13 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया . पैसों का लालच देकर इन मजदूरों को पहले फैक्ट्री में काम करने के लिए लाया गया था. लेकिन यहां लाने के बाद पैसे तो दूर की बात उन्हें पूरी तरह से बंधक बना लिया गया. फैक्ट्री मालिक ने उन्हें यातनाएं देना शुरू कर दिया और 24 घंटे काम कराया जाने लगा. फैक्ट्री मालिक ने उन्हें यातनाएं देते हुए खाने के लिए नमक रोटी देते थे. उनके आधार कार्ड मोबाइल फोन भी छीन लिए जाते थे. इन सभी मजदूरों की निगरानी के लिए दो पिटबुल डॉग को भी इस फैक्ट्री में रखा गया था. ताकि डर से ये मजदूर फैक्ट्री से भागने की हिमाकत ना कर सके. जानकारी ये भी मिल रही है कि तकरीबन 2 सालों से इस फैक्ट्री में बंधक बना कर रखे गए इन मजदूरों में से कई की मौत भी हो चुकी हैं. फैक्ट्री के भीतर जुल्म की इंतेहा पार हो चुकी थी। विरोध करने वाले मजदूरों को हंटर और बेल्टों से बेरहमी से पीटा जाता था। क्रूरता की हद तो तब हो गई जब एक मजदूर का खौफ पैदा करने के लिए गर्म भाले से कान तक काट दिया गया। पुलिस ने मौके से टॉर्चर में इस्तेमाल होने वाले भाले, डंडे और बेल्ट बरामद किए हैं। मुक्त हुए मजदूरों ने रोते हुए बताया कि यदि कोई भागने की कोशिश करता, तो मालिक उसके पीछे खूंखार 'पिटबुल' डॉग छोड़ देता था।
पुलिस की संयुक्त टीम, जिसमें सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह, सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह, तहसीलदार राधेश्याम गौड और तितावी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शामिल थे, ने भारी पुलिस बल के साथ दबिश देकर फैक्ट्री मालिक के पिता प्रदीप बालियान और सुपरवाइजर शिवा त्यागी को धर दबोचा। हालांकि, मुख्य आरोपी अंकित बालियान और उसका एक साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में एसओजी प्रभारी मोहित चौधरी व तितावी पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस ने बताया कि शरीर में जगह-जगह मारपीट के निशान हैं और सभी बहुत बुरी स्थिति में वहां फंसे हुए थे. बाद में पुलिस ने बंधन मुक्त कराए गए इन सभी मजदूर का मेडिकल प्रशिक्षण कराने के बाद सभी को माला पहनाकर उनके घरों के लिए रवाना किया है.
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