खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण पर जारी बहस के दौरान चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि, इस संशोधन विधेयक का विपक्ष विरोध कर रहा है। इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया. इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि सभी ने कहा है कि यह संविधान संशोधन जो आया है, उसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उत्तर और दक्षिण की राजनीति करने में लगा है.  उन्होंने कहा मैं समझता हूं कि अगर ये वोट नहीं देंगे तो महिला आरक्षण बिल गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'शोर-शराबा करके बच जाओगे, मगर माताओं-बहनों का जो आक्रोश आपके खिलाफ है न, जब मैदान में जाओगे तब मालूम पड़ेगा. भागते हुए रास्ते नहीं मिलेगा. चुनाव में जब जाएंगे तब मालूम पड़ेगा जब मातृशक्ति हिसाब मांगेंगी. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,  बोलने के समय सबने कहा कि हम पक्ष में हैं। इंडी अलायंस के सदस्यों ने अगर-मगर, किंतु-परंतु करके महिला आरक्षण का विरोध किया है। मुझे लगा कि इम्प्लीमेंटेशन के तरीके का विरोध हो है, लेकिन नहीं। केवल और केवल महिला आरक्षण का विरोध है। ये तरीकों का नहीं, बिल का विरोध है। बिल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है। किसी किसी संसदीय क्षेत्र में 39 लाख वोटर हैं। संविधान में इसका अधिकार सरकार के पास है। जो सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, वह ये ध्यान में रखें कि एससी-एसटी की सीटें बढ़ाने का भी विरोध कर रहे हैं। संविधान में परिसीमन का प्रावधान है।

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