खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क): नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही से मरने वालों की संख्या 332 पहुंच गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं. बाढ़ के बाद बचाव कार्य जारी है और क्रेन तैनात की गई हैं. बचे हुए लोग और रिश्तेदार अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं.सैलाब में घर और दुकानें बह गईं, गाड़ियां डूब गईं और कई इमारतें मलबे के साथ बहती नजर आईं। भोटेकोशी नदी के रास्ते में आने वाला लगभग हर ढांचा इस सैलाब की चपेट में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 पुलिस चौकियों, कई पुलों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़कों और दूसरे जरूरी बुनियादी ढांचे का भी बड़ा हिस्सा तबाह हुआ है। 

ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 750 यात्री लापता हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय हैं और 37 एनआरआई भी लापता बताए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लोगों की है। नेपाल में आई आपदा की स्थिति में वहां मौजूद या फंसे हुए मध्य प्रदेश वासियों की मदद के लिए राज्य सरकार द्वारा नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. इस कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रभावितों को हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी. सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी किए गए हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि तमिलनाडु के 21 लापता लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। जल्द ही इन लोगों को काठमांडू से नई दिल्ली लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री चीन में भी फंसे हुए हैं। इन लोगों का करीब 200 का आंकड़ा है। जिन्हें जल्द भारत लाया जाएगा। रणधीर जायसवाल ने बताया- "हमने नेपाल को जो मदद दी है, उसके तहत मानवीय सहायता लेकर दो विमान काठमांडू भेजे गए हैं। हवाई मार्ग से दो बार में कुल आठ टन दवाएं और एक टन खाने-पीने का सामान भेजा गया है। भारत ने नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए कुल 47.5 टन आपातकालीन सामान भेजा है।" बता दें कि पीएम मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से बात की थी और नेपाल को मदद का भरोसा दिया था।

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